
भारतीय संविधान का निर्माण
संविधान शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्दों के constituere से हुई है l जिसका अर्थ होता है प्रावधान करना , व्यवस्था करना या योजना करना होता है
- 1895 ई में बाल गंगाधर तिलक ने स्वराज विधेयक प्रारूप प्रस्तुत किया l
- महात्मा गांधी के द्वारा वर्ष 1922 ई मैं कहां गया की भारतीय संविधान सभा का गठन और भारतीयों द्वारा किया जाना चाहिए l
- वर्ष 1928 ई को पेश की गई नेहरू रिपोर्ट में भी भारतीय संविधान सभा का गठन भारतीयों द्वारा किया जाने की बात कही गई है l
जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस की ओर से संविधान निर्माण हेतु वर्ष 1938 ई में संविधान सभा का गठन मताधिकार के आधार पर करने की मांग की जिसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप ना हो l
- औपचारिक तौर पर भारतीय संविधान सभा का गठन का विचार सर्वप्रथम 1934 ई मैं वामपंथी नेता में राय द्वारा रखा गया l
- 1935 ई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से संविधान सभा का गठन की मांग की l
संविधान क्या है ?
संविधान एक देश के शासन और प्रशासन के लिए सर्वोच्च कानूनी दस्तावेज़ जो बताता है कि देश कैसे चलेगा, कौन क्या करेगा, और लोगों के क्या हक़ और क्या ज़िम्मेदारियाँ होंगी।
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है l
संविधान को डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली मसौदा समिति द्वारा तैयार किया गया , इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीना 18 दिन लगे और इसके निर्माण के दौरान कई बहस और चर्चा हुई l
26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ, और तभी से हम हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
संविधान में क्या-क्या होता है?
संविधान सभा के सदस्य विभिन्न धर्म ,क्षेत्र और सामाजिक पृष्ठभूमियों से थे lभारतीय संविधान का उद्देश्य नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करना है , जैसे की स्वतंत्रता का अधिकार ,सामान्य का अधिकार ,शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार , संस्कृत और संवैधानिक उपचार का अधिकारसंविधान इन अधिकारो को सुनिश्चित करता हैं
संविधान सभा का निर्माण
सन 1940 ई ‘अगस्त ‘ प्रस्ताव में ब्रिटिश सरकार ने नेहरू की इस मन को पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया l
वर्ष 1942 ईस्वी में ‘ क्रिप्स मिशन’ ब्रिटिश सरकार की एक कोशिश थी कि वह भारतीयों को शांत रख सके और अपने पक्ष में कर सके, लेकिन यह पूरी तरह से नाकाम रहा। भारतीय नेताओं को यह महसूस हुआ कि अब सिर्फ वादों से कुछ नहीं होगा – उन्हें पूरी आज़ादी चाहिए थी , क्योंकि इन प्रस्ताव में देश का सांप्रदायिक आधार पर विभाजन लीग के मांग को टुकड़ा दिया गया साथ ही भारत को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने की संभावनाओं के कारण कांग्रेस ने प्रस्ताव को ना मंजूरी कर दिया l
क्रिप्स मिशन की असफलता के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा 3 सदस्य का group कैबिनेट मिशन वर्ष 1946 ईस्वी में भेजा गया l कैबिनेट मिशन के द्वारा पारित प्रस्ताव के माध्यम से भारतीय संविधान के निर्माण के लिए बुनियादी भाषा का प्रारूप स्वीकार कर लिया गया जिस संविधान सभा का नाम किया गया l
इसके साथ ही संविधान में सरकार की तीन प्रमुख शाखों के बीच शक्तियों का विभाजन है
विधायकी (sansad)
कार्यपालिका (Sarkar)
न्यायपालिका
भारतीय संविधान कैसा है
भारतीय संविधान में संघीय ढांचा की बात की गई है भारतीय संविधान में कई अनुसूचियां और अनुच्छेद शामिल है यह संविधान 395 अनुच्छेद और 22 भागों और 12 अनुसूचियां में विभाजित है संविधान भारतीय नागरिक को कर्तव्य के प्रति जागरूक करता है इस प्रकार भारतीय संविधान ना केवल एक कानूनी दस्तावेज बल्कि यह देश के आत्मा का परिभाषित करता है यह भारत की विविधता, एकता और स्वतंत्रता को प्रकट करता है l


