
अगर हम भारत के इतिहास की बात करें तो आमतौर पर सिंधु घाटी सभ्यता( Indus Valley Civilization) को सबसे पुरानी सभ्यता माना जाता है । लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिंधु घाटी से भी पहले एक और महान सभ्यता मौजूद थी? हाँ, हम बात कर रहे हैं महेरगढ़( Mehrgarh) की, जो 7000 ईसा पूर्व से 2500 ईसा पूर्व तक फली- फूली थी ।
महेरगढ़ परिचय
महेरगढ़ आधुनिक पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है और इसे भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे पुरानी ज्ञात स्थायी बस्तियों में से एक माना जाता है । यह स्थान न केवल भारत और पाकिस्तान के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे विश्व में मानव सभ्यता के विकास को समझने के लिए भी एक अहम केंद्र है
6000 BC का महेरगढ़
6000 BC के आसपास, महेरगढ़ एक उन्नत कृषि प्रधान समाज था । यहाँ के लोग खेती करते थे, पशुपालन में संलग्न थे और अपने लिए सुंदर घर भी बनाते थे । यह स्पष्ट रूप से बताता है कि महेरगढ़ के लोग संगठित जीवनशैली अपनाने लगे थे ।
यहाँ की प्रमुख विशेषताएं
1. कृषि एवं पशुपालन – महेरगढ़ के लोगों ने जौ( barley) और गेहूं( wheat) की खेती शुरू कर दी थी । इसके साथ ही, वे गाय, भेड़, बकरी और भैंस जैसे पशुओं को पालते थे ।

2. मिट्टी के घर – इस समय के लोग मिट्टी की ईंटों से घर बनाते थे, जो उनके उन्नत जीवनशैली को दर्शाता है ।

3. औजार और हथियार – तांबे( bobby ) और पत्थर के औजारों का उपयोग किया जाता था । इसका अर्थ है कि यहाँ के लोग धातु विज्ञान( metallurgy) से परिचित थे ।
4. आभूषण और कला – खुदाई में तरह- तरह के मनकों( globules), तांबे के गहने, और टेराकोटा की मूर्तियाँ मिली हैं, जो यह साबित करती हैं कि महेरगढ़ के लोग कला और सौंदर्य प्रेमी थे ।
5. दाँत चिकित्सा( Dentistry) – महेरगढ़ में पाए गए कंकालों से पता चला है कि यहाँ के लोग प्रारंभिक स्तर की दंत चिकित्सा करते थे ।
महेरगढ़ और सिंधु घाटी सभ्यता का संबंध
महेरगढ़ को अक्सर सिंधु घाटी सभ्यता का पूर्वज कहा जाता है । यह स्थान यह साबित करता है कि भारतीय उपमहाद्वीप में सभ्यता का विकास धीरे- धीरे हुआ और हड़प्पा सभ्यता के रूप में परिपूर्ण हुआ ।
महेरगढ़ की खुदाई और खोज
महेरगढ़ की खोज 1974 में फ्रांसीसी ( Archaeologist) Jean- François Jarrige और उनकी टीम ने की थी । खुदाई में यहाँ से हजारों साल पुराने औजार, हड्डियाँ, मकानों के अवशेष, और अन्य कलाकृतियाँ मिलीं, जो इस जगह को एक ऐतिहासिक बनाती हैं ।
महत्व और निष्कर्ष
महेरगढ़ हमें यह सिखाता है कि भारत का इतिहास हजारों साल पुराना है और हमारी जड़ें एक समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक परंपरा से जुड़ी हुई हैं । अगर आप इतिहास के प्रेमी हैं, तो महेरगढ़ के बारे में पढ़ना और समझना एक रोचक अनुभव होगा ।
क्या हमें महेरगढ़ पर गर्व होना चाहिए?
बिल्कुल! यह भारत के लिए एक गर्व की बात है कि इस क्षेत्र में इतनी प्राचीन और उन्नत सभ्यता थी । महेरगढ़ का अध्ययन यह साबित करता है कि भारतीय उपमहाद्वीप की सभ्यता विश्व की अन्य प्राचीन सभ्यताओं के समान ही पुरानी और उन्नत थी ।
अंतिम शब्द
6000 BC का महेरगढ़ सिर्फ एक प्राचीन स्थल नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की प्राचीनतम उपलब्धियों का प्रमाण है । यह हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनकी सूझबूझ और उनकी उन्नति को दर्शाता है ।
क्या आप महेरगढ़ के बारे में पहले से जानते थे? अगर हाँ, तो आपके विचार क्या हैं? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं!
